लोगों के दिलों पर राज करेंगे आप आप भी बन सकते हैं लोकप्रिय लोगों के बीच पॉपुलर होने के लिए न तो आसमान से तारे तोड़ने की जरुरत है न लाखों रूपए खर्च करने की. बस अपने स्वभाव और एक्टिविटीज में छोटे छोटे परिवर्तन करना काफी है- थैक्यू बोलना सीखें - जो लोग आपको खुशी देते हैं,आपके लिए कुछ अच्छा करते हैं ,आपकी वक्त-बेवक्त मदद करते हैं और आपके प्रति स्नेह का भाव रखते हैं, उनके प्रति आभार जताने की आदत डालें। उन्हें समय-समय पर उपहार व मिठाई आदि दें। इससे उनके साथ आपके रिश्तों में और भी प्रगाढ़ता आएगी और आपका सपोर्ट सिस्टम भी इम्प्रूव होगा। दयालु बनें- दयालुता संक्रामक होती है। जब आप कुछ अच्छा करते हैं, तो दूसरों का मन भी कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित होता है। स्टैनफोर्ड और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को शोधकर्ताओं ने पाया है कि लोगों में दूसरों की पॉजिटिव चीजों की नकल करने की आदत होती है। इस प्रवृत्ति को ‘कन्फॉर्मिटी’ कहते हैं। जब आप देते हैं, तो दूसरे लोग और वे खुद (जिनके लिए आपने अच्छा किया) भी किसी दूसरे के प्रति ऐसा करने को उतावला हो जाता है। इससे सकारात्मकता बढ़ती है। नै...
तुलनात्मक हीनता से उबरना है जरूरी बहुत प्रचलित उक्ति है, ‘दुनिया में ज्यादातर लोग अपने दुख से कम दुखी होते हैं, लेकिन दूसरों के सुख से उन्हें ज्यादा दुख पहुंचता है।’ यह सच भी है। कई लोग दूसरों को तरक्की करते देख जलते भुनते हैं और उनके साथ अपनी तुलना करके हीन भावना से ग्रस्त हो जाते हैं। तुलना और उलाहना से होगा नुक्सान- कई लोग कई बार संबंधित व्यक्ति से जुड़े लोगों से लड़ बैठते हैं कि आप फलां का फेवर करते हो, उन्हें सपोर्ट देते हो और हमें काम नहीं देते। ऐसा करने से सिवाय दोहरे नुकसान के और कुछ भी हासिल नहीं होता। एक तो लोगों के बीच शिकायतकर्ता की इमेज खराब हो जाती है और लोग उसे ईर्ष्यालु व रोनू (शिकायती) प्रवृत्ति का समझकर उससे दूर रहने लगते हैं। दूसरा नुकसान यह कि ऐसा व्यक्ति अपनी कमियों का आकलन करके खुद क्षमता सम्पन्न बनने की बजाय सिर्फ दूसरों में ऐब खोजता रह जाता है। सकारात्मक सोचें और बोलें – जब भी आपको दूसरों से मदद या काम मांगना हो, कोई सलाह लेनी हो या कोई प्रोडक्ट अथवा सर्विस बेचनी हो, तो आप अपनी बातों को अपनी जरूरत प्रॉडक्ट या सर्विस पर फोकस करें।...