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इन मामलों में न करें कंप्रोमाइज


इन मामलों में न करें कंप्रोमाइज
प्यार अगर आकर्षण है तो यह समर्पण भी है। कई बार अपने पसंदीदा इंसान का प्यार, उसका सामीप्य और आजीवन उसका साथ पाने के लिए कुछ बातें कम पसंद हों या नापसंद हो तो समझौता भी करना पड़ जाता है और एक दूसरे के साथ तालमेल बैठाने के लिए थोड़ा बहुत एडजस्टमेंट जरुरी भी होता है। लेकिन कुछ मामले ऐसे भी होते हैं, जिनमें किसी प्रकार का कंप्रोमाइज नहीं करना चाहिए वरना आगे चलकर जिंदगी में पछताना पड़ता है।



*      अपने करियर या ड्रीम जॉब के मामले में No compromise लाइफकोच, मनोविज्ञानी और समाजशास्त्री जिंदगी संवारने के लिए चार महत्वपूर्ण कदम बताते हैं। जिसमें सबसे पहले शिक्षा, फिर करियर, उसके बाद प्यार और अंत में शादी का नंबर आता है। पढ़ाई करते हुए ही कोई अपने करियर और ड्रीम जॉब की प्लानिंग करने लगता है। जैसे किसी को इंजीनियरिंग करनी हो या डॉक्टरी करनी हो तो वह साइंस चुनेगा, सीएस, एमकॉम या एमबीए करना हो तो कॉमर्स चुनेगा। इस बीच आपको किसी से प्यार हो जाए और उसकी वजह से आपकी पढ़ाई अधूरी रहने का डर हो या करियर सेलेक्ट करने में बाधा आ रही है,या आपको पहला जॉब छूट रहा हो, तो भावनाओं में बहकर प्यार को प्राथमिकता देने की गलती न करें वरना आपको पूरी जिंदगी पछताना पड़ेगा।
*      सिद्धांतों और नैतिकता के साथ No compromise- हर इंसान के कुछ खास सिद्धांत और नैतिक मूल्य होते हैं। अपनी मान्यताएं होती हैं। अपना एक खास स्वभाव होता है। जैसे दूसरों को सम्मान देना, देश या समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझना, विनम्रता, ईमानदारी, रंग भेद या लिंग भेद का समर्थन न करना। कुछ लोग दूसरों के साथ सहयोग करने और उनका साथ देने में विश्वास करते हैं। किसी की गलती को आसानी से माफ कर देते हैं वहीं कुछ लोग अड़ियल जिद्दी और क्रोधी स्वभाव के होते हैं। अगर आपको प्रेम को पाने के लिए आपको अपने सिद्धातों या नैतिक मूल्यों के साथ समझौता करना पड़ रहा हो, तो ऐसा न करें।
*      जीवन के लक्ष्य से No compromise- आपका सपना है शहर से दूर किसी कस्बे या गांव में अपना एक आशियाना बनाकर शांतिपूर्वक जीवन जीने का या डॉक्टर बनकर गांव में लोगों की सेवा करने का परंतु आप जिससे प्यार करती हैं वह शहर की भीड़भाड़ छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहता, मोटी कमाई करना ही उसके जीवन का एकमात्र लक्ष्य है। आप समझाना चाहती हैं, तो वह आपका मखौल उड़ाता है, अगर ऐसा है तो फिर आपको इस रिश्ते को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए और न ही क्षणिक भावनाओं में बहकर अपने लक्ष्य के साथ समझौता करना चाहिए। इससे आपको ताउम्र अपने फैसले पर पछताना पड़ेगा।
*      अपना परिजन और मित्रगण के मामले में No compromise- जिन लोगों के बीच में आप जन्म लेती हैं, पलती हैं और बड़ी होती हैं या जिन दोस्तों के साथ आप जिंदगी के खट्टे मीठे पल शेयर करती रही हैं उनसे भावनात्मक संबंध बेहद प्रगाढ हो जाते हैं। अगर आपको बॉयफ्रेंड को आपके मित्र या परिजन बिल्कुल अच्छे नहीं लगते या वह बात-बात में उनकी बुराई करके आपको उनसे दूर रहने की सलाह देता है, तो उसकी बातों में आकर समझौता करने की गलती न कर बैठें। वरना अपने इस फैसले के लिए आपको हमेशा दुख होगा
*      आत्मसम्मान के मामले में No compromise- आत्मसम्मान सबसे बड़ी चीज है। किसी भी अच्छे रिश्ते में दोनों पक्ष जब एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हैं और एक दूसरे का सम्मान करते हैं, तभी वह रिश्ता मधुर और टिकाउ हो सकता है। अगर आपका बॉयफ्रैण्ड चार लोगों के बीच आपका मजाक उड़ाता है या आपके आदर्श विचारों की खिल्ली उड़ाता है आपको जब तब झिड़क देता है और अपमान करता है, तो आर उससे एकदम दूरी बना लें। इसी में भलाई है। अन्यथा आपको सारी जिंदगी अपमान के कड़वे घूंट पीने पड़ेगें और एक घुटन भरी जिंदगी जीनी पड़ेगी।

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