अगर आपको भी चाहिए एक अच्छी जिंदगी
दुनिया में कौन होगा जो एक अच्छी,सफल और सुकून
भरी जिंदगी न चाहता हो. जाहिर है आप भी ऐसी जिंदगी चाहती होंगी. यकीन मानिए
,ज्यादा कठिन नहीं है एक अच्छी जिंदगी जीना.लेकिन इसके लिए कुछ छोटे छोटे मगर ठोस
निर्णय लेने होंगे-
छोडिये पुरानी,कडवी यादें-
जिंदगी बहुत छोटी है। इसे छोटी मोटी उलझनों और
बीती कड़वी यादों की चिंता में बरबादन करें। जिन चीजों में आनंद मिलता हो वो
कीजिए, अपने आसपास के लोगों से प्यार कीजिए, उनके साथ संबंध अच्छे बनाइए। हां, इस
सिलसिले में किसी के आगे झुकना या दबना नहीं है। अगर आपके साथ किसी ने बुरा
व्यवहार किया है तो जितनी जल्दी हो सके उसे और उसके व्यवहार को भूल जाएं। ऐसा आपको
उसके लिए नहीं बल्कि अपनी खुशी और शांति के लिए करना है।
जिंदगी में दो बातें हमेशा याद रखें। जब अकेले
रहें तो अपने विचारों के बारे में मंथन करें औऱ जब दस लोगों के बीच में बैठे हों,
तो अपने शब्दों पर विचार करें।
संयम बनाए रखें-
मुसीबत के वक्त कभी हिम्मत और संयम न छोड़ें।
क्योंकि भाग्य भी साहसी लोगों को ही साथ देता है। वैसे भी अच्छा वक्त तभी देखने को
मिलता है, जब आप कठोर मेहनत के साथ तमाम अड़चनों को दूर करते हुए सफलता के शिखर पर
पहुंचते हैं। कहा भी गया है कि पतझड़ के बिनापेड़ों पर नए पत्ते नहीं आते और
संघर्ष के बिना अच्छे दिन नहीं आते। कभी भी अपनी समस्याओं के समाधान केलिए दूसरों
से अपेक्षा न करें। आपकी जिंदगी को संवारना 100 फीसदी आपकी जिम्मेदारी है।
संगत अच्छी चुनें
अपने दोस्तों का चयन सोच समझकर करें। ऐसे लोगों
का भरोसा न करें जिनके ख्याल वक्त के साथ बदल जाएं। हमेशा उनका भरोसा करें जिनका
ख्याल आपके बारे में तब भी वैसा ही रहे जब आपका वक्त बदल जाए।
दूसरों की नहीं खुद की चिंता करें-
आपको हर वक्त सिर्फ दूसरों की खुशी के लिए ही
अपनी जिंदगी नहीं जीनी चाहिए। माना कि दूसरों को खुश करना भी जिंदगी का एक जरूरी
हिस्सा है,लेकिन इसकी शुरूआत हमेशा खुद से ही करें।
दूसरे क्या सोचते हैं अगर आप इतनी चिंता करेंगे,
तो कभी कुछ नया या महत्वपूर्ण नहीं कर पाएंगे।
दूसरों के साथ तुलना न करें। बेहतर यह होगा कि
अपने आप की तुलना बीते हुए कल से करें। अगर कोई इम्प्रूवमेंट हैं, तो यही आपकी
उपलब्धि है।
अगर आप टोकाटोकी करने वाले और आलोचना करने वाले
हर व्यक्ति की परवाह करेंगे या उन्हें सफाई अथवा स्पष्टीकरण देने में अपना वक्त
जाया करेंगे, तो आप जिंदगी में कभी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे।
संतुलित और सकारात्मक हो जिंदगी-
आपका दिमाग किसी चुंबक की तरह होता है। आप अच्छी
बातों के बारे में सोचते हैं तो यह हर कहीं से सकारात्मक बातें खींच लाता है। जब
आप समस्याओं के बारे में सोचते हैं तो यह हर कहीं से नकारात्मक चीजें ढ़ूंढ़ लाता
है। किसी भी चीज की अधिकता से बचें। सब कुछ संतुलित हों। क्योंकि हर वो चीज जो
जिंदगी में जरूरत से ज्यादा होती है, वही जहर होती है।
समय को धन समझें-
इस दुनिया में हर किसी को 24 घंटे मिले हैं।
विवेकहीन और आलसी लोग इन्हें थोक में बरबाद करते हैं जबकि बुद्धिमान मेहनती लोग
समय की कीमत समझते हुए अपने समय को मिनटो और सेकण्डों में मापते हैं। इसलिए इनके
पास आलसियों के मात्र 24 घंटे के मुकाबले 1440 मिनट या 86400 सेकेण्ड होते हैं,
जिनका वे बेहतर इस्तेमाल करते हुए जिंदगी में रोज कुछ नया करते चले जाते हैं।इसीलिए
ये आगे बढते चले जाते हैं.
शिखर चंद जैन
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