ऐसे इम्प्रूव होगी लाइफ
हम सब चाहते हैं कि हमारी जिंदगी में दिनों दिन सकारात्मक
बदलाव आएं, हमारा जीवन स्तर ऊंचा हो, हम खुशहाल रहें और आगे बढ़ते रहें। ऐसा सोचना
वाकई अच्छी बात है। लेकिन सिर्फ सोचने से क्या होता है! अपनी इच्छा पूरी करने के
लिए आपको कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना होगा –
कुछ अलग करने का विलपावर – अगर आप बीते कई
सालों से अपने जीवन में कोई खास बदलाव या तरक्की महसूस नहीं कर रहे हैं, तो वक्त
है अपने कामकाज के तरीके को बदलने का और कुछ नया आजमाने का। लेकिन इसके लिए आपको
मजबूत इच्छाशक्ति रखनी होगी। अपनी खामियों को पहचानना होगा, कमियां दूर करनी होंगी
और खुद को कमर कस के तैयार करते हुए, नया रास्ता ढ़ूंढ़ना होगा।
संसाधनों का पूरा फायदा उठाएं – अपनी लाइफ को
इम्प्रूव करने और तरक्की करने के लिए आपको अपने इर्द गिर्द उपलब्ध सभी संसाधनों का
पूरा लाभ उठाना चाहिए। इसमें अनुभवी लोगों से विचार विमर्श व मार्ग दर्शन, व तकनीक
का इस्तेमाल भी शामिल है। तकनीक के इस्तेमाल से आप ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बना
सकते हैं, ज्यादा लोगों से कनेक्ट हो सकते हैं और अपने फील्ड की लेटेस्ट
जानकारियां हासिल कर सकते हैं।
अपनी जरूरतों को दें प्राथमिकता – कई बार आप अपने
रिश्तेदारों या मित्रों के छोटे छोटे कामों को करने या उनके द्वारा आयोजित विभिन्न
सामाजिक, पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने या आयोजन में मदद करने
में इतने उलझ जाते हैं कि खुद के लिए कुछ खास नहीं कर पाते। इस आदत को छोड़ दें।
आपको सबसे पहले अपनी आय, सुकून और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए सोचना चाहिए और अपनी
सारी ऊर्जा उनकी पूर्ति के लिए खर्च करनी चाहिए। इन चीजों से समय मिलने पर भी इधर
उधर के काम करने चाहिए।
हड़बड़ी न करें – धैर्य सफल और
सुखी जीवन का महत्वपूर्ण मंत्र है. हथेली पर सरसों नहीं उगती. कोई एक दिन में बड़ा
आदमी या अमीर नहीं बन जाता. आप किसी भी सफल इंसान से मिल लें, वह एक दिन में मुकाम
पर नहीं पहुंचा है. ऊंचाई पर पहुँचने के लिए
उसके वर्षों मेहनत की है। सफल होने के लिए लगातार कड़ी मेहनत करनी होगी और
छोटी-छोटी सफलताओं का रुक कर आनंद लेना होगा। सफलता के लिए निरंतर कोशिश करें, पर
हडबडी दिखाने से बचें।
व्यर्थ कार्यों के लिए “ना” कहें – ना कहने की आदत हिम्मत और स्वविवेक से विकसित
की जा सकती है. हर किसी को हर किसी काम के लिए हां कहने से आपकी जरुरी प्राथमिकताएं बैकफुट पर चली जाती हैं.इस आदत के कारण आप अपना
बहुमूल्य समय व्यर्थ कामों के लिए खर्च करते हैं. जिनसे आपको कोई फायदा नहीं मिलने
वाला. जब आप सबको हर काम के लिए हां कर देते हैं तो लोग आपके टाइम, स्पेस और टार्गेट
को महत्व देना बंद कर देते हैं। इसलिए ऐसे व्यर्थ कामों के लिए आपको टैक्टफुली ना
कह देना चाहिए।
पॉजिटिव बातों का
नोट बनाएं- एक नोटबुक में हर
रोज दिनभर देखी हुई या स्वयम् के साथ घटित हुई कुछ पॉजिटिव बातें लिखें। इससे आपका
चित्त प्रसन्न रहेगा और आप एनर्जेटिक महसूस करेंगे. जाहिर है, इस आदत से आपके काम
करने की क्षमता में इजाफा होगा. जे के रोलिंग ने हैरी पोटर एंड दी प्रिजनर ऑफ
एजकाबैन में लिखा है, ‘खुशी को आप अपने सबसे अंधकारपर्ण दिनों में भी ढूंढ सकते
हैं, बस आपको बत्ती जलाना याद रहे।’ अगर आप 21 दिनों तक रोज अपने आसपास मौजूद या
अपने जीवन में घटी अच्छी घटनाएं लिखेंगे तो आपको अच्छी बातें ढूंढकर खुश होने की
आदत पड़ जाएगी।
ढीली ढाली नहीं चुस्त हो रूटीन – अपनी रूटीन को
चुस्त दुरूस्त रखें। आपके पास सुबह के पहले घंटे में दिन भर का और सप्ताह के पहले
दिन पूरे सप्ताह का वर्कप्लान तैयार रहना चाहिए. ढीले-ढाले, देरी से जागने वाले और
हर काम को अंतिम समय में हड़बड़ी से करने वाले लोग बस एक औसत या फिर असफल जिंदगी
ही जी सकते हैं। विजेता वही होते हैं जिन्हें अपना अगला कदम पहले से पता होता है।
जो काम करते हैं, वह पूरी मुस्तैदी से करते हैं।
खुद पर करें यकीन – अगर आप किसी काम को
करने से पहले ही उसकी सफलता के प्रति आशंकित रहते हैं, तो जान लें कि ऐसे काम
ज्यादातर असफल ही होते हैं। कोई भी योजना, काम या प्रोजेक्ट तभी सफल होगा जब आपको
खुद पर पूरा भरोसा हो और आप उसे पूरी योग्यता के साथ अंजाम दें। इन सबके बावजूद
अगर कार्य में कहीं अड़चन या अवरोध आता है, तो बिना घबराए उसके हर पहलू पर विचार
करें और किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह मशविरा करें।
मल्टीटास्किंग से दूर रहें- आपने सुना होगा-
“एक ही साधै सब सधे, सब साधे सब जाए.” मनोविज्ञानी और सेहत विशेषज्ञ कई शोधों में
पा चुके हैं कि एक बार में हमारा दिमाग एक ही चीज पर कंसन्ट्रेट कर सकता है. आप एक
समय में एक से ज्यादा चीजों पर अपना ध्यान लगाएंगे तो किसी भी चीज को सही तरीके से
पूरा नहीं कर पाएंगे . नतीजतन आपकी तमाम मेहनत का नतीजा लगभग शून्य ही होगा. इसलिए
तरक्की करते हुए आगे बढ़ना है तो अच्छा यही होगा कि आप एक बार में सिर्फ एक ही काम करें.
हेल्दी रहें –शरीर की देखभाल और
हेल्थ के महत्व को समझें। अपने सोने –जागने और खाने पीने की आदतों पर काबू रखें. स्वास्थ्य के लिहाज से
कोई भी जोखिम न उठाएं। फास्ट फूड और जंक फूड के सेवन से बचें और रोजाना तीस-चालीस
मिनट व्यायाम जरुर करें. प्राणायाम, पौष्टिक भोजन और पर्याप्त नींद सेहत की रक्षा
के लिए बेहद जरुरी है.
समस्याओं को समझें जिंदगी का जरूरी हिस्सा – ‘समस्याएं जिंदगी
का जरूरी हिस्सा है’ अगर इस बात को आप आत्मसात कर लें तो आपको तरक्की करने से कोई
नहीं रोक सकता। ज्यादातर लोग समस्याओं से घबराकर अपनी राह से विचलित हो जाते हैं
और मंजिल पर पहुंचने से पहले ही अपना सफर रोक देते हैं। करियर में उतार चढ़ाव,
बिजनेस में नुकसान, बीमारी, दुर्घटना, किसी के साथ विवाद आदि बातों को दिल से
लगाकर बैठ न जाएं बल्कि भुलाकर आगे बढ़ने की युक्ति पर विचार करें।
अपना समय व्यर्थ न करें – समय से ज्यादा
कीमती और जरूरी कोई चीज नहीं। अगर आप अपना वक्त गैरजरूरी चीजों या गैरउत्पादक
कार्यों में बरबाद करते हैं, तो अपनी आदत को बदल डालिए. खर्च किया गया रूपया वापस
आ सकता है लेकिन बरबाद किया गया वक्त दोबारा नहीं लौट सकता। दिन के 24 घंटों का
सही इस्तेमाल करके आप खुद के लिए काफी प्रगतिकारक काम कर सकते हैं।





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