खुद ही न बन जाएं अपने करियर के दुश्मन
“लक्ष्मी” के आगमन में अड़चन की वजह आप
खुद ही तो नहीं !
अगर आप तमाम कोशिशों के बावजूद मनचाही कमाई नहीं कर पा रहे और करियर
में वांछित स्थान हासिल नहीं कर पा रहे तो आपको कुछ खास बातों का खयाल रखना होगा और कुछ गलतियों
से दूरी रखनी होगी वरना अनजाने में आप खुद ही अपने करियर की राह के रोड़े बन
जाएँगे.
बातें
बड़ी और काम छोटा – आपने
सबसे बड़े-बड़े वायदे कर दिए हैं और अब लोग
आपसे अपेक्षा कर रहे हैं। लेकिन आप हैं कि हर जगह फेल होते जा रहे हैं. सबको टरका
रहे हैं. बॉस द्वारा दी गई डेडलाइन्स में अपना काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
क्वालिटी ऑडिट में आप के काम की रैंक सबसे नीचे आती है. आपका ये ड्रामा ज्यादा
दिनों तक नहीं चलने वाला. जल्द ही लोग आपको अविश्वसनीय मानने लगेंगे। वादा उतना ही
करना चाहिए, जितना आप पूरा कर सकते हैं। समय पर काम पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत
करें। अपनी इमेज विश्वसनीय बनाएं।
क्षमता
पर यकीन नहीं करते – अगर
आप अपनी क्षमताओं को लेकर चिंतित होते हैं और नए काम हाथ में लेने से डरते हैं तो
इस प्रकार खुद को कमजोर करते हैं। अपने करियर में आ रही रुकावटों के सबसे बड़े कारण
आप खुद ही हैं। आपको खुद पर यकीन करना चाहिए और मानना चाहिए कि आपके पास पर्याप्त
क्षमताएं है। खुद को व्यस्त रखना चाहिए और चिंता के लिए समय नहीं रखना चाहिए। अपने
कम्फर्टजोन से बाहर निकलकर नए मौकों में आगे बढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
पैसे को
ही सब कुछ समझना –
करियर में पैसे के पीछे भागना कोई गलत बात नहीं है मगर सिर्फ सैलेरी के लिए नौकरी
बदलेंगे तो इससे नई चीजें नहीं सीख पाएंगे। इससे सफल होने का अनुभव भी गायब हो
जाएगा। ऐसा करियर प्लान करें, जो स्किल्स पर आधारित हो। जहां आपकी रुचि के अनुरुप
जिम्मेदारियां मिलें। आपको ज्यादा पैसे के बजाय ऐसे पद चुनने चाहिए, जहां आपको जॉब
सेटिस्फेक्शन मिल सके। इससे आपकी तरक्की के रास्ते खुले रहेंगे.
फीकी और
कमजोर पर्सनैलिटी – आप लोगों
के सामने खुद को किस तरह से पेश करते हैं? एक नौकरी पेशा साधारण इंसान के रूप में? एक ऐसा इंसान जो दस बजे बैग
उठाकर दफ्तर के लिये निकल जाता है और शाम सात बजे घर लौट कर टीवी देखता रहता है?
ऐसे लोग पालतू घोड़े जैसे होते हैं, जो दौड़ते तो खूब हैं पर आँखों के दोनों तरफ आड़
होने की वजह से आसपास की दूसरी चीजों से मतलब नहीं रखते. अगर आप ऐसा ही करते हैं तो आप सिंगल डायमेंशनल
पर्सनेलिटी हैं। जीवन और पहचान को बंधी बंधाई लीक से जोड़ने पर आप अपना व्यक्तित्व
विकास अवरुद्ध कर देते हैं। सप्ताह में कुछ घंटे खुद के लिए और अपने समाज के लिए
निकालना बहुत जरुरी है। ऱिश्तों और शौक में समय निकालना शुरु करें। इससे आपके जीवन
को नया अर्थ मिलेगा।
संबंधों
के प्रति उदासीनता – क्या
आप अपने वर्क प्लेस पर रिश्तों को छोड़छाड कर सिर्फ और सिर्फ टास्क पर ही फोकस करते
हैं? अगर आप लोगों को इग्नोर करेंगे तो आपकी टीम की
लय टूटेगी। आपको लोगों का विश्वास बनाए रखना चाहिए। अगर आप लोगों को सिर्फ काम के
ले इस्तेमाल करेंगे तो आपको अपने करियर में ग्रोथ नहीं मिलेगी। आपको रिश्ते बनाने
का लक्ष्य भी तय करना चाहिए। काम के अलावा भी लोगों के संपर्क में रहना चाहिए।
आपको इंटरपर्सनल स्किल्स पर काम करना चाहिए, तभी सफलता मिलेगी।
परफेक्शन
के लिए परेशान –
परफेक्शन की तलाश करियर को नुकसान पहुंचा सकती है। पारेटो के सिद्धांत के मुताबिक
20 फीसदी प्रयासों से 80 फीसदी इच्छित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, वहीं 20
फीसदी परफेक्शन की तलाश में 80 फीसदी ज्यादा एनर्जी की जरुरत पड़ती है। अगर आप
रॉकेट साइंटिस्ट या न्यूरो सर्जन हैं तो ही 100 फीसदी परफेक्शन की जरुरत पड़ेगी।
हर जगह 100 फीसदी परफेक्शन जरुरी नहीं है। जब आप एक ही काम में ज्यादा समय और
एनर्जी लगाते हैं तो आपकी उत्पादकता कम हो जाती है। हर काम के लिए कठिन और छोटी
डेडलाइन्स सेट करें।
लक्ष्य
की कच्ची समझ – अगर
आप सोचते हैं कि आपका कोई लक्ष्य बहुत ऊंचाई पर है और आप उस तक सीधे-सपाट रास्ते
से पहुंच जाएंगे तो शायद आप अपने लक्ष्य को सही तरह से समझ नहीं पा रहे हैं। एक
बड़ा लक्ष्य़ कई छोटे-छोटे लक्ष्यों से मिलकर बना होता है। जब आप छोटे-छोटे लक्ष्य
पूरे करते हैं तो बड़ा लक्ष्य़ अपने आप मिल जाता है। हर बड़ी बाधा आपको नई स्किल्स
सीखने का मौका देती है। अपने करियर में नए आयाम प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे
लक्ष्य पूरे करने चाहिए। पॉजिटिव रहकर लगातार आगे बढ़ना चाहिए।
अपडेशन
से दूर – क्या आसान काम को
बार-बार करना पसंद करते हैं? क्या आप हमेशा सेफ
ज़ोन की तलाश में रहते हैं? क्या नए आइडियाज
आपको नहीं लुभाते हैं? अगर बदलाव का विरोध
करेंगे तो करियर की ग्रोथ रुक जाएगी। मौजूदा दुनिया में तकनीक तेजी से बदल रही है।
अगर लगातार खुद को नहीं बदलते हैं तो आउटडेटेड हो जाएंगे। हर नए विचार का खुले
दिमाग से स्वागत करना चाहिए। समस्या को सुझाने के लिए नए तरीकों को इस्तेमाल में
लें।
इनसे भी बचें
बॉस की
इंसल्ट – क्या बॉस या कलीग
ने आपको सबके सामने बेइज्जत किया है? अब उन्हें सबक
सिखाने के लिए आप उन्हें ईमेल से खरी-खोटी सुनाना चाहते हैं? ऐसा कतई न करें। दोस्त के साथ वक्त बिताएं। खुद को शांत रखें। अगर आप
गलत ईमेल करेंगे तो प्रमोशन या जॉब खतरे में पड़ सकता है।
फक्कड़
पहनावा – आपके कपड़े,
ग्रूमिंग, शिष्टाचार और बर्ताव बताता है कि आप प्रोफेशनल और विश्वास करने लायक है
या नहीं। अगर आप अपना ही ध्यान नहीं रखते और खुद के प्रति इतने लापरवाह् हैं तो
दफ्तर का क्या काम करेंगे. अगर ऐसा निगेटिव प्रभाव पड़ गया तो उसे दूर करने में
काफी समय लग सकता है।
पर्सनल
गॉसिप – वर्कप्लेस पर
घरेलू कहानियों का बखान नहीं करना चाहिए। अपनी निजी रुचियों को किसी के ऊपर थोपने
की कोशिश न करें। काम के दौरान राजनीति, जाति, लिंग या निजी संपत्ति के बारे में
चर्चा न करें। बॉस या साथियों के बारे में गलत बातें न बोलें।
अपने
में ही मस्त – हो
सकता है को आपको ज्यादातर समय अकेले रहना पसंद हो। यह गलत आदत है। आपको निर्णय
लेने में दूसरों की मदद करनी चाहिए। आप जो निर्णय लें, उनमें भी सहयोगियों के क्रिटिकल इनपुट लें।



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