अपनी किस्मत खुद बनाइए
विद्वान लेखक स्टीव
नाकामोटो ने अपनी किताब ‘बातों-बातों में जीत लो जहां’ में लिखा है, इंसान की
हताशा तथा दुख का सबसे बड़ा कारण है अपनी प्रतिभाओं को, अपने ज्ञान को पूरी तरह
उजागर न कर पाना।
जीतने
का माद्दा रखिये-
इस दुनिया में केवल
दो ही प्रकार के लोग हैं। एक जीतने वाले और दूसरे हारने वाले। हारने वाले लोग अपने
कंफर्ट जोन में दुबके रहते हैं, जो हमेशा शॉर्टकट की तलाश में रहते हैं, उनके सपने
व आकांक्षाएं वक्त के साथ धुंधली पड़ती जाती हैं. अपनी हार व असफलताओं के लिए उनके
पास हमेशा एक ही बहाना या रोना होता है कि सफलता और खुशी ऊपरवाले ने उनकी किस्मत
में लिखी ही नहीं है। जबकि जीत की उम्मीद रखने वाले लोग अपने जीवन की कमान खुद
संभालते हैं। ऐसे लोग अपने सपनों को पूरा करने और
अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं, और रास्ते में
आने वाले छोटे-मोटे दुखों व नुकसानों को हंसकर झेल लेते हैं।
अच्छे
लोगों से सीखिए-
अपने आसपास के लोगों
के अनुभवों से सीखने की आदत डालिए. हमेशा अलर्ट रहिये. व्यक्तिगत संवाद की
क्षमताएं बढ़ाने का अभ्यास करें और अच्छे लोगों के साथ खुद आगे बढ़कर बातें करें. यदि
हम लोगों से मिलते समय थोड़ा सा सजग रहें तो बड़ी आसानी से उन अच्छी आदतों को
पहचान सकते हैं, जिनके कारण वे सोसाइटी के लोगों के बीच इतने पॉपुलर हैं. साथ ही, हम यह भी देख सकते हैं कि
असफल लोगों की कौन-कौन सी बातें और आदतें ऐसी हैं जो उनके बने-बनाए काम बिगाड़
देती हैं और उन्हें जमाने से पीछे रखती हैं.आपको
व्यवहारिक जीवन के एक से बढ़कर एक उदाहरण देखने को मिलते हैं, जो कि किसी भी
किताबी ज्ञान से लाख गुना ज्यादा कारगर साबित होंगे।
सोशल
सर्किल का दायरा बढाइये-
‘द फोरगेटेड सिटी’
(1969) के लेखक डौरिस लैसिंग ने कहा है, ‘सीखना इसी का नाम है कि कोई बात आपको
हमेशा से पता थी, लेकिन आज अचानक लगता है कि उसके सही मायने तो अब समझ आए हैं।’ विभिन्न तरह के लोगों से मिलिए। जो भी मिले उससे
बात कीजिए। नया ग्रुप ज्वाइन कीजिए। अपने व्यवसाय से अलग हटकर लोगों से भी मिलिए.
लेकिन बोलिए कम, सुनिए ज्यादा।तभी तो आप उनसे कुछ ग्रहण कर पाएंगे. बातचीत अपनेपन
के साथ करें। लोगों के साथ भावनात्मक रिश्ता कायम करें। लोगों को बताइये कि आपको किस फील्ड में विशेषज्ञता हासिल है
या आपने अब तक क्या अचीव किया. तभी तो उन्हें आपके हुनर का पता चलेगा और आपकी
तरक्की के रास्ते खुलेंगे.
संवाद
की आकर्षक शैली सीखिए-
अपने बोलने की शैली
में रोचकता, दिलचस्पी और हंसोड़पन पैदा कीजिए। टीवी के टाक शो पर प्रतिष्ठित एंकर
या प्रस्तुतकर्ता के बातचीत के तरीके पर गौर करें। उनके हाव-भाव, अभिव्यक्ति आदि
सीखें। पेशेवर दुनिया में एक असरदार तरीका प्रचलित है- बातचीत के दौरान, सामने
वाले को कई बार उसके नाम से संबोधित करना। ‘हाऊ टू विन फ्रैड्स एंड इन्फ्लुएंज
पीपुल’ के लेखक डेल कारनेगी कहते हैं- ‘किसी व्यक्ति का नाम उसके लिए दुनिया
का सबसे मधुर और महत्वपूर्ण शब्द है।’अपने
क्लाइंट, बॉस या दूसरे ऐसे लोगों का दिल जीतिए जो आपको आगे बढाने में आपके मददगार
हो सकते हैं.
इसके लिए कुछ ऐसा कीजिये-
- · आगे बढ़कर अभिवादन कीजिए।
- · मुस्कुराइये और आगे बढ़िए।
- · आंखों से भी मुस्कुराइये।
- · अभिवादन के शानदार तरीके ढूंढिए
- · दोस्ताना लहजा रखिए
- · लोगों के नाम याद रखिए




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